आधार कार्ड अब नहीं होगा जन्मतिथि का Proof — UIDAI का बड़ा स्पष्टीकरण
भारत में करोड़ों लोग अपने आधार कार्ड को हर काम के लिए इस्तेमाल करते आए हैं — चाहे बैंक खाता खुलवाना हो, स्कूल में दाखिला लेना हो या सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना हो। लेकिन अब भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) ने एक अहम स्पष्टीकरण जारी किया है जो लाखों नागरिकों को सीधे प्रभावित करता है।
UIDAI ने साफ किया है कि आधार कार्ड को डेट ऑफ बर्थ यानी जन्मतिथि के प्रमाण के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। आधार कार्ड मुख्य रूप से किसी व्यक्ति की पहचान सत्यापित करने के लिए बनाया गया है, न कि उसकी जन्मतिथि साबित करने के लिए।
क्यों नहीं है आधार DOB का वैध प्रमाण?
यह सवाल सबसे पहले मन में आता है — जब आधार में जन्मतिथि लिखी हुई है, तो फिर वह प्रमाण क्यों नहीं?
आधार में दर्ज DOB हमेशा पूरी तरह सत्यापित (verified) नहीं होती। कई बार यह जानकारी व्यक्ति द्वारा स्वयं दी गई होती है, जो हर बार प्रमाणित दस्तावेजों के आधार पर नहीं होती। कई लोग बिना किसी ठोस दस्तावेज के अपनी जन्मतिथि दर्ज करवा देते हैं। कुछ मामलों में DOB अनुमान के आधार पर अपडेट कर दी जाती है और पुराने समय के रिकॉर्ड उपलब्ध न होने पर भी आधार में जानकारी दर्ज हो जाती है।
इसके अलावा, यदि कोई वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं होता, तो उम्र के अनुमान के आधार पर जन्म वर्ष दर्ज किया जाता है और सिस्टम उस वर्ष की 1 जनवरी को डिफॉल्ट जन्मतिथि के रूप में दर्ज कर देता है। यही कारण है कि आधार में दर्ज तारीख हर स्थिति में प्रमाणिक जन्मतिथि नहीं मानी जा सकती।
कानूनी स्थिति क्या है?
आधार अधिनियम 2016 में इसे केवल पहचान पत्र के रूप में मान्यता दी गई है, इसलिए जन्मतिथि के वेरिफिकेशन के लिए इसकी कानूनी वैधता सीमित रहती है।
UIDAI के अनुसार, देश की कई अदालतें और कई सरकारी विभाग भी स्पष्ट कर चुके हैं कि आधार कार्ड को उम्र या जन्मतिथि का पक्का सबूत नहीं माना जा सकता। बल्कि इसकी जगह स्कूल के सर्टिफिकेट या बर्थ सर्टिफिकेट को ही वैलिड प्रूफ माना जाना चाहिए।
तो अब कौन से Documents मान्य होंगे?
UIDAI के अनुसार, अगर DOB का प्रूफ देना है तो जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट (SSLC), पासपोर्ट या सरकारी अधिकारी के द्वारा जारी DOB सर्टिफिकेट जमा करा सकते हैं। इन्हीं डॉक्यूमेंट को UIDAI भी आधार कार्ड के लिए डेट ऑफ बर्थ का वैलिड प्रूफ मानता है।
संक्षेप में, ये 4 दस्तावेज़ DOB के लिए मान्य हैं:
दस्तावेज़ कहाँ से मिलेगा
जन्म प्रमाण पत्र नगर पालिका / ग्राम पंचायत
10वीं की मार्कशीट (SSLC) स्कूल / बोर्ड कार्यालय
पासपोर्ट पासपोर्ट सेवा केंद्र
सरकारी DOB सर्टिफिकेट संबंधित सरकारी कार्यालय
किन कामों पर पड़ेगा असर?
अक्सर देखा गया है कि लोग स्कूल में दाखिले से लेकर पेंशन योजनाओं तक में आधार को जन्म प्रमाण पत्र की तरह इस्तेमाल करते हैं। लेकिन नए स्पष्टीकरण के बाद अब संस्थाएं आधार को उम्र के पुख्ता सबूत के तौर पर मानने से मना कर सकती हैं।
जिन कामों में DOB Proof जरूरी होती है, वहाँ अब आधार काम नहीं करेगा। जैसे:
- स्कूल / कॉलेज में दाखिला
- सरकारी नौकरी के आवेदन
- पेंशन और वृद्धावस्था योजनाएँ
- विवाह पंजीकरण
- अदालती कार्यवाहियाँ
- बीमा और वित्तीय दावे
क्या यह नया नियम है?
DOB को लेकर यह नया नियम नहीं है, बल्कि पहले से बनाए गए नियम को ही और ज्यादा स्पष्ट किया गया है। यानी UIDAI ने कोई नया कानून नहीं बनाया, बल्कि पुराने नियम को जनता के सामने दोबारा स्पष्ट किया है ताकि भविष्य में कोई भ्रम न रहे।
आपको क्या करना चाहिए?
अभी से बर्थ सर्टिफिकेट बनवाएं — अगर आपके पास नहीं है, तो नगर पालिका जाएं।
10वीं की मार्कशीट सुरक्षित रखें — यह सबसे आसान और मान्य DOB प्रूफ है।
आधार में DOB अपडेट करें — अगर आधार में DOB गलत है, तो इसे सही करवाएं।
DigiLocker में Documents रखें — डिजिटल कॉपी हमेशा अपने पास रखें।
Important Links
लिंक का नाम URL
UIDAI आधिकारिक वेबसाइट https://uidai.gov.in
आधार में DOB अपडेट करें https://myaadhaar.uidai.gov.in
DigiLocker (Documents स्टोर करें) https://digilocker.gov.in
जन्म प्रमाण पत्र – राष्ट्रीय पोर्टल https://crsorgi.gov.in
📞 UIDAI Helpline 1947 (टोल फ्री)
अगर आपको अपनी DOB साबित करनी है, तो आपको Birth Certificate, 10वीं की मार्कशीट, Passport या सरकारी DOB Certificate का इस्तेमाल करना होगा। अगर आपके पास सही DOB प्रूफ नहीं है, तो आगे चलकर कई जरूरी काम अटक सकते हैं।
इसलिए अभी से सतर्क हो जाएं और अपने जरूरी दस्तावेज़ तैयार रखें। आधार कार्ड एक बेहद जरूरी दस्तावेज़ है, लेकिन यह पहचान और पते का प्रमाण है — जन्मतिथि का नहीं।
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